“ पहले जैसा कुछ भी नहीं है, अब तो बस,
खुद को पूरी तरह से बदल रहा हूँ मैं, या यूँ कहूँ कि इसके, उसके, आपके, सबके मुताबिक अब, ढ़ल रहा हूँ मैं, ये, दिल की बात, रूह के जज़्बात, आजकल सब सीने मे दफन ही अच्छे लगते हैं, जो कुछ भी बचा है खुद के अंदर, धीरे धीरे अब तो बस, सब भूल रहा हूँ मैं | ”
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